October 22, 2020

Post List Slide

इतिहास उत्तराखंड

गढ़वाल की जातियों का इतिहास भाग-1

नवीन नौटियाल उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में विभिन्न जातियों का वास है। इस श्रृंखला में गढ़वाल में निवास कर रही ब्राह्मण जातियों के बारे में बता रहे हैं

साहित्यिक हलचल

निस्पृह प्रेमगाथा की शानदार प्रस्तुति

पुस्तक समीक्षा दिनेश रावत ‘एक प्रेमकथा का अंत’ महाबीर रवांल्टा की नवीन प्रकाशित नाट्य कृति है, जिसका ताना—बाना लोक की भावभूमि पर बुना गया है.

इतिहास उत्तराखंड

गढ़वाल में राजपूत जातियों का इतिहास

नवीन नौटियाल उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं में विभिन्न जातियों का वास है। गढ़वाल की जातियों का इतिहास भाग-2 में गढ़वाल में निवास कर रही क्षत्रिय/राजपूत

उत्तराखंड

… जब दो लोगों की दुश्मनी दो गांवों में बदल गई!

सीतलू नाणसेऊ- खाटा ‘खशिया’ फकीरा सिहं चौहान स्नेही रुक जाओ! हक्कु, इन बेजुबान जानवरों को  इतनी क्रूरता से मत मारो. सीतलू हांफ्ता-हांफ्ता हक्कु

उत्तराखंड समाज/संस्कृति

घर ही नहीं, मन को भी ज्योर्तिमय करता है ‘भद्याऊ’

दिनेश रावत वर्षा काल की हरियाली कितना आनंदित करती है। बात गांव, घरों के आस-पास की हो, चाहे दूर-दराज़ पहाड़ियों की। आकाश से बरसती बूंदों का स्पर्श और धरती का

अभिनव पहल

बधाई हो रवांई के लाल बधाई हो…

— शशि मोहन रवांल्टा नरेश भाई! रवांई का मान—सम्मान बढ़ाने के लिए आपको हार्दिक बधाई। 26 जनवरी के दिन उत्तरखंड के मुखिया के हाथों आपको ‘देव भूमि