देश—विदेश

हर लोकसभा क्षेत्र में बनेगा पासपोर्ट सेवा केंद्र- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण (पीएसपी-वी2.0) के लिये टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किया जिसमें डेटा सुरक्षा और उपभोक्ताओं के अनुभवों को अगले स्तर तक ले जाने का प्रावधान है. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वह प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है जहां पहले से कोई ‘पासपोर्ट सेवा केंद्र’ अथवा ‘डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र’ नहीं हो.

इसमें कहा गया है कि सरकार पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत बायोमेट्रिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत डेटा एनालिटिक्स एवं स्वत: प्रतिक्रिया का उपयोग करते हुए प्रौद्योगिकी उन्नय की योजना पर काम करेगी.गौरतलब है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड 10 वर्षों से अधिक समय से पासपोर्ट सेवा परियोजना में सेवा प्रदाता के रूप में जुड़ी हुई है.

नागरिकों को पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाने की पहल

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण (पीएसपी-वी2.0) को (पीएसपी-वी1.0) से आगे बढ़ाया जायेगा जो ई गवर्नेंस उपकरण के रूप में नागरिकों को पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने की मंत्रालय की पहल है. मंत्रालय के अनुसार, इसके परियोजना डिजाइन में यह सुनिश्चित किया गया है कि इसके जरिये सेवा प्रदाताओं द्वारा नागरिक सम्पर्क, प्रौद्योगिकी आधार, कॉल सेंटर, प्रशिक्षण एवं प्रबंधन बदलाव जैसे कार्यो को सहयोग प्रदान किया जाए . सरकार पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में सभी सम्प्रभु और सुरक्षा से जुड़े कार्य करना जारी रखेगी.

भारत से बाहर जाने वाले या जाने की इच्छा रखने वाले सभी भारतीय नागरिकों को एक वैध पासपोर्ट या यात्रा संबंधी प्रलेख की आवश्यकता होती है.पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अंतर्गत भारत सरकार विभिन्न तरह के पासपोर्ट या यात्रा संबंधी प्रलेख, जैसे – सामान्य पासपोर्ट, राजनयिक पासपोर्ट, सरकारी पासपोर्ट, आपातकालीन प्रमाण-पत्र एवं पहचान प्रमाण-पत्र पहचान के उद्देश्य से जारी कर सकती है.

इस नेटवर्क से जारी किए जाते हैं पासपोर्ट

भारतीय पासपोर्ट को 36 पासपोर्ट कार्यालयों, सीपीवी प्रभाग (केवल राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन के एक नेटवर्क के माध्यम से जारी किए जाते हैं.इस नेटवर्क के पासपोर्ट कार्यालयों की विस्तार के रूप में 93 पासपोर्ट सेवा केंद्रों और 424 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) जोड़कर विस्तारित किया गया है.केन्द्रीय पासपोर्ट संगठन (सीपीओ) 1959 में विदेश मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में बनाया गया था और वह संयुक्त सचिव (पासपोर्ट सेवा योजना) और प्रमुख पासपोर्ट अधिकारी हैं.

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