उत्तराखंड हलचल

सरकार को खुली चुनौती देते हुए निजी बस आपरेटरों ने किराया बढ़ा दिया

सरकार को खुली चुनौती देते हुए निजी बस आपरेटरों ने किराये में वृद्धि कर दी है। प्रदेश के सबसे बड़े स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े मार्ग दून-विकासनगर-डाकपत्थर मार्ग पर किराये में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि राज्य परिवहन प्राधिकरण ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। किराया बढ़ाने की चेतावनी बस आपरेटरों ने नवंबर में उस समय दी थी, जब डीजल की कीमत 98 रुपये लीटर थी, लेकिन इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार ने डीजल की कीमत में 10 रुपये तक की कटौती कर दी। फिर भी बस आपरेटरों ने मनमानी दिखाते हुए किराये को बढ़ा दिया और परिवहन विभाग यात्रियों से हो रही ‘लूट’ पर खामोश बैठा है।

देहरादून-विकासनगर-डाकपत्थर मार्ग पर निजी बस संचालकों का एकछत्र कब्जा है। हालात यह हैं कि इस मार्ग पर संचालित हो रही रोडवेज बसों को बस अड्डों व चौराहों से यात्री बैठाने में भी परेशानी होती है। यहां निजी बस संचालकों की मनमानी के कारण उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ रोडवेज की बसों को यात्री बस में चढ़ाने और उतारने को चौराहों से दूर रोकना पड़ता है। इसी का फायदा उठाकर इस मार्ग पर निजी बस संचालक मनमानी पर उतारू रहते हैं।

करीब डेढ़ माह पहले जब डीजल की कीमत 98 रुपये प्रति लीटर थी तो बस आपरेटरों ने सरकार को खुद किराया बढ़ाने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि इस किराये में बस संचालित करना मुश्किल हो रहा। दून-विकासनगर-डाकपत्थर मार्ग पर करीब 300 निजी बसें संचालित होती हैं और इसमें सर्वाधिक संख्या दैनिक यात्रियों की होती है। जिनमें कर्मचारी, शिक्षक, छात्र व छात्राएं होते हैं। मौजूदा समय में डीजल 88 रुपये प्रति लीटर है, मगर बस संचालक बढ़ा किराया ही ले रहे। शिकायत न हो इस वजह से इन बसों में टिकट तक नहीं दिया जाता।

रोडवेज का किराया 50, निजी बस में 60

निजी बसों में किराया बढ़ने के बाद अब यात्री रोडवेज बसों को तरजीह दे रहे हैं पर निजी बस आपरेटर इसका विरोध करते हुए रोडवेज बस चालक-परिचालकों को चौराहे पर बस ही नहीं रोकने दे रहे। रोडवेज बसों में हरबर्टपुर से देहरादून तक का किराया 50 रुपये है, जबकि निजी बसों में किराया 60 रुपये वसूला जा रहा। इसी तरह देहरादून से विकासनगर का रोडवेज बस में किराया 55 रुपये व डाकपत्थर का किराया 60 रुपये है जबकि निजी बस में विकासनगर के 65 व डाकपत्थर के 70 रुपये वसूले जा रहे। इस दौरान यात्री विरोध करते हैं तो बस चालक और परिचालक धमकाने अथवा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।

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