देश—विदेश

सेना में सवा लाख पद खाली, भर्ती के लिए सड़कों पर उतरे युवा

देश में बेरोज़गारी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है और नौकरियों के मौके कम होते जा रहे हैं. सबसे ज़्यादा नौकरियां देने वाली सेना में तो सवा लाख पद खाली हैं. दो सालों से सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवा अपनी आयु निकलते देख अब सड़कों पर प्रदर्शन करने लगे हैं. सेना में खाली पदों की संख्या में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है. उधर सरकार कह रही है कि कोरोना की वजह से भर्ती रैलियां स्थगित हैं.

जयपुर में हो रही मूसलाधार बारिश और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में सुबह होने से पहले ही अंधेरे में देश सेवा का जज़्बा लिए पसीना बहा रहे नौजवान सेना में नौकरी की तैयारी में लगे हैं. जवान सेना में शामिल होकर देश के दुश्मनों से मुकाबले की तैयारी में भले हीं लगे हों, मगर दिल में बैठा डर परेशान किए हुए है. दो साल से सेना भर्ती की रैली हुई नहीं है और उम्र बितती जा रही है.

टोंक के देवली से जयपुर में आकर दो साल से इसी तरह तैयारी कर रहे मीणा हर बीतते दिन के साथ परेशान हो रहे हैं. जुलाई में इनकी आर्मी में शामिल होने की उम्र खत्म हो जाएगी. अगर चार महीने में वैंकेंसी नहीं आई तो दो साल की मेहनत बर्बाद हो जाएगी.

अजमेर के गांव से आकर जयपुर के शौर्य डिफ़ेंस एकेडमी में तैयारी कर रहे जुड़वा भाई रामअवतार चौधरी और लक्ष्मण चौधरी के पिता किसान हैं और दोनों के 10-10 हज़ार रुपए पढ़ने और तैयारी के लिए भेजते हैं. रिश्तेदार एयरफ़ोर्स में थे तब से बचपन से एयरफोर्स में जाने का सपना देखा था. अब एयरफोर्स में जाने की आयु 19 साल पूरी होने में बस तीन महीने का समय बचा है. पिछली भर्तियों का फाइनल रिजल्ट अभी जारी नहीं हुआ है, ऐसे में नई कब आएगी पता नहीं.

सेना भर्ती के लिए तैयारी करवाने वाले सेना के रिटायर्ड जवान सुनील कुमार कहते हैं कि युवा अब परेशान होने लगे हैं. ये गरीब घर से पैसे लगाकर हमारे पास आते हैं उम्मीदों के साथ, मगर भर्ती ही नहीं आ रही है तो हम क्या करें.

केंद्र सरकार की तरफ से 10 दिसंबर 2021 को लोकसभा में दिए गए जवाब में कहा गया है कि फिलहाल सेना में सवा लाख पद खाली हैं जिसमें 85 फीसदी केवल आर्मी में हैं. खाली पदों का ब्‍यौरा इस प्रकार है.
थल सेना- 1,04,053
वायु सेना- 5,471
नौसेना – 12,431

2015-16 में 127 भर्ती रैली हुईं. 2016-17 में 102, 2017–81 में 106, 2018-19 में 92 और 2019-20 में 95 रैलियां हुई हैं. 04 फरवरी 2022 को लोकसभा में नागौर से आने वाले सांसद हनुमान बेनीवाल ने सेना भर्ती के बारे में फिर पूछा तो सरकार ने कहा कि2021-22 में केवल चार भर्ती रैलियां हुई हैं. कोरोना की वजह से भर्ती रैलियां स्थगित है.

राजस्थान के नागौर, झुंझनू और सीकर में युवा सेना भर्ती खोलने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने लगे हैं क्योंकि इनकी उम्र ख़त्म हो गई है या हो रही है. ये सरकार से उम्र में छूट की मांग कर रहे हैं. राजस्थान में प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह है कि सेना में देश में सबसे ज्‍यादा लोग राजस्थान से भर्ती होते हैं. 10 जुलाई 2021 के भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, साल में  सबसे ज्‍यादा सेना में शामिल होने वाले युवा इन पांच राज्यों से थे.
राजस्थान- 22975
पंजाब, चंडीगढ़ – 18740
हरियाणा- 18475
बिहार- 12495
एमपी- 8678

राजस्थान में हज़ारों की संख्या में डिफेंस एकेडमी या हैं जहां पर युवा सेना में जाने की तैयारियां करते हैं. ऐसे में बीतती उम्र के साथ युवाओं का सफर भी टूट रहा है और सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर सेना भर्ती खोलने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं.

Share this:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *