देश—विदेश

XIAOMI इंडिया को कर्नाटक हाई कोर्ट ने दी राहत, ED के आदेश पर रोक

बेंगलुरु, पीटीआइ। कर्नाटक हाई कोर्ट ने शाओमी टेक्नोलाजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आदेश को स्थगित करके फिलहाल इस चीनी फोन कंपनी को राहत दे दी है। ईडी ने विगत 29 अप्रैल को कंपनी की 5551.27 करोड़ रुपये की संपत्ति को फेमा के तहत जब्त करने का आदेश दिया था। जस्टिस हेमंत चंदनगौडर ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय के आदेश पर रोक लगाते हुए वित्त मंत्रालय और ईडी के विभिन्न अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद चीनी कंपनी शाओमी ग्रुप की सहायक कंपनी शाओमी इंडिया अब अपने बैंक खातों से जुड़े रोजमर्रा के काम कर सकेगी। शाओमी की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील एस गणेश और सजन पूवाया पेश हुए और कहा कि फेमा का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है क्योंकि आयकर विभाग ने कथित भुगतान के लिए कटौती की अनुमति दे दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईडी फेमा की धारा 37ए के तहत बैंक खातों को तभी सीज कर सकती थी, अगर वह बैंक खाते विदेश में होते।

टेक्नोलाजी रायल्टी का भुगतान 2016 से किया गया है। भारत में अन्य फोन निर्माता कंपनियां भी अमेरिकी कंपनी के साथ ऐसे ही भुगतान कर रही हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एमआइ ब्रांड के नाम से भारत में अपने फोन बेचने वाली कंपनी शाओमी पर ईडी ने फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999) की धारा चार का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

आरोप है कि इस कंपनी ने गलत तरीके से ‘टेक्नोलाजी रायल्टी’ (कथित रूप से मुखौटा कंपनी) के नाम से चीनी कंपनियों को बड़ी धनराशि भारत के बाहर भेजी है। इनमें से दो कंपनियां अमेरिका और एक चीन में है। ईडी ने इस कंपनी के बैंक खातों में जमा 5551.27 करोड़ रुपये को जब्त कर लिया। कंपनी के खिलाफ फरवरी, 2022 के अवैध लेन-देन को लेकर कार्रवाई हुई है। ईडी ने इस साल फरवरी माह में कंपनी द्वारा किए गए अवैध रेमिटेंसेज के संबंध में जांच शुरू की थी।

Share this:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *