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अगर मिशनरीज में धर्मांतरण होता तो लाखों की संख्या में ईसाई नजर आते- आर्चबिशप सेबेस्टिन दुरईराज

आर्चडायसिस ऑफ भोपाल में क्रिसमस के मौके पर आर्चबिशप सेबेस्टिन दुरईराज ने मीडिया से चर्चा की. इस दौरान धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर आर्चबिशप ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में अगर धर्मांतरण हो रहा होता तो इस समय ईसाइयों की संख्या लाखों में होती. कुछ असामाजिक तत्व मिशनरीज को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हमारी सुरक्षा करे.

बिशप ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि हमारी सुरक्षा नहीं हो रही, लेकिन कई जगह असामाजिक तत्व माहौल खराब करते हैं. ईश्वर हमारी सुरक्षा करता है, लेकिन सरकार की भी जिम्मेदारी है.

विदेशी फंड की जांच करना चाहते हैं तो करें, हम भागेंगे नहीं

मिशनरीज के लिए विदेशी फंड की जांच के सवाल पर आर्चबिशप ने कहा कि सरकार को पता है कि विदेशी फंड कहां आता है और कहां खर्च होता है, लेकिन फिर भी अगर सरकार जांच करना चाहती है तो हम जांच से भागेंगे नहीं. दरअसल, बीते दिनों सरकार के तमाम मंत्रियों ने मिशनरीज फंडिंग की जांच की मांग की थी.
आर्चबिशप ने कहा कि सरकार को हमें प्रोत्साहित करना चाहिए. 150 सालों तक जहां सरकार नहीं पहुंच पाई वहां हम पहुंचे. मिशनरीज और हमारी संस्थाएं जांच से नहीं हिचकते. बड़े-बड़े दानदाता लोगों की सेवाओं के लिए हम पर विश्वास करते हैं. जहां गलत हो रहा है, वहां सरकार कार्यवाही करे.

अगर मिशनरीज में धर्मांतरण होता तो लाखों की संख्या में ईसाई नजर आते

वहीं, मिशनरीज में धर्मांतरण के आरोप पर आर्चबिशप सेबेस्टिन दुरईराज ने कहा कि अगर यहां धर्मांतरण हो रहा है, तो हमारी संख्या लाखों में होनी चाहिए. मिशनरीज में असामाजिक लोग तोड़फोड़ करना चाहते हैं. हमारी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. हमारी संस्थाओं पर हो रहे हमलों के मामले बढ़े हैं. ईसाई और मिशनरीज को लेकर सरकार को बहुत कुछ करने की जरूरत है. मैं राजनीतिक विषयों में नहीं कूदना चाहता. ईसाई समाज से शांति चाहता है.

आर्चबिशप ने कहा कि कई जगह असामाजिक तत्व तोड़फोड़ कर रहे हैं, इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए. यह खतरा बढ़ रहा है, तो हमारे सेवा कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. सरकार से अपील है की हमें सुरक्षा प्रदान करें. एक फादर और तीन सिस्टर को ईश्वर सुरक्षित रखेगा, लेकिन सरकार का भी कर्तव्य है कि सुरक्षा दे.

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