March 5, 2021

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पर्यावरण

दुनिया वार्म हो रही है इसीलिए मौसम कोल्ड हो रहा है!

निशांत पिछला साल भले ही मानव इतिहास का सबसे गर्म साल रहा हो, लेकिन फ़िलहाल कई देशों में, 2021 की शुरुआत काफ़ी सर्द रही है. जहाँ because पड़ोसी देश चीन

पर्यावरण

दुनिया भर में वायु गुणवत्ता को ट्रैक करना हुआ सस्ता!

निशांत ताज़ा वैश्विक आंकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि दुनिया का 90% हिस्सा वायु प्रदूषण के हानिकारक स्तरों से ग्रस्त हैं. और ऐसे में जब भारत सरकार ने

कविताएं

उड़ान

डॉ. दीपशिखा वो भी उड़ना चाहती है. बचपन से ही चिड़िया, तितली और परिंदे उसे आकर्षित करते. वो बना माँ की ओढ़नी को पंख, मारा करती कूद ऊँचाई से.

स्मृति शेष

धर्म को आडम्बरों से मुक्त करने वाले परमहंस

श्रीरामचन्द्र दास की जन्मजयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी “धार्मिक मूल्यों के इस विप्लवकारी युग में जिस तरह से परमहंस श्री रामचन्द्रदास जी महाराज

पर्यावरण

आज ही के दिन बदली थी कोविड को लेकर हमारी सोच

निशांत आज से ठीक एक साल पहले, 23 जनवरी 2020 को, चीन ने जब वुहान शहर में तालाबंदी लागू की थी, तब शायद पहली बार पूरी दुनिया ने कोविड को एक महामारी की शक्ल

शिक्षा

मातृभाषा और शिक्षा का लोकतंत्रीकरण

मातृभाषा दिवस (22 फ़रवरी) पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र मनुष्य इस अर्थ में भाषाजीवी कहा जा सकता है कि उसका सारा जीवन व्यापार भाषा के माध्यम से ही होता है.

पर्यटन

सतत पर्यटन विकास के लिए जुटे लोग  

हिमांतर ब्‍यूरो, उत्तरकाशी सतत पर्यटन विकास (Sustainable Tourism Development), साहसिक और सुरक्षित पर्यटन स्थल कैसा हो,  इसको लेकर मोरी में स्थानीय लोगों के

पर्यावरण

कैसे रखा जाये पृथ्वी के फेफड़े का ख्याल, जब ब्राज़ील में पर्यावरण बजट का हुआ बुरा हाल?

निशांत पिछले हफ्ते भारत से वैक्सीन पा कर ब्राज़ील के प्रधान मंत्री जैयर बोल्सनारो ने हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने वाले प्रकरण को याद करते हुए एक ट्वीट

समाज/संस्कृति

‘कस्तूरबा’ से ‘बा’ तक का गुमनाम सफर

भावना मासीवाल 22 फरवरी को ‘बा’ की पुण्यतिथि थी. उन पर न कोई आयोजन था न ही कोई चर्चा-परिचर्चा. हर तरफ थी तो सिर्फ ख़ामोशी. जबकि ‘बा’ इतिहास के पन्नों में दफन

लोक पर्व/त्योहार

वसन्त पंचमी : सारस्वत सभ्यता, समाराधना और साधना का पर्व

वसन्त पंचमी पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज वसंत पंचमी का दिन सारस्वत समाराधना का पावन दिन है.वसंत पंचमी को विशेष रूप से सरस्वती जयंती के रूप में मनाया