September 19, 2020

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धर्मस्थल

त्रिजुगी नारायण के अवतार माने जाते हैं कौल देवता!

दिनेश सिंह रावत लोक मान्यतानुसार कौंल देवता का संबंध केदारनाथ से है. इन्हें त्रिजुगी नारायण का अवतार माना जाता है और इसी के चलते हर बारहवें वर्ष कौंल देवता

धर्मस्थल

जहां विराजते हैं सूर्य सुता यमुना व शनि

— दिनेश रावत देवभूमि उत्तराखंड के दिव्यधाम सदियों के लोगों के आस्था एवं विश्वास के केन्द्र रहे हैं. सांसारिक मोह-माया में फंसा व्यक्ति, आत्मीकशांति की राह

धर्मस्थल

लोक के विविध रंगों से रंगा एक महोत्सव

– दिनेश रावत उत्तराखंड का रवांई क्षेत्र अपने सांस्कृतिक वैशिष्टय के लिए सदैव विख्यात रहा है. लोकपर्व, त्योहार, उत्सव, मेले, थोले यहां की संस्कृति

अभिनव पहल

बधाई हो रवांई के लाल बधाई हो…

— शशि मोहन रवांल्टा नरेश भाई! रवांई का मान—सम्मान बढ़ाने के लिए आपको हार्दिक बधाई। 26 जनवरी के दिन उत्तरखंड के मुखिया के हाथों आपको ‘देव भूमि

धर्मस्थल

गढ़वाल में बद्री-केदार तो कुमाऊं में प्रसिद्ध है छिपला केदार

— दिनेश रावत भारत भू-भाग का मध्य हिमालय क्षेत्र विभिन्न देवी-देवताओं की दैदीप्यमान शक्ति से दीप्तिमान है। इसी मध्य हिमालय के लिए ‘हिमवन्त’ का वर्णन किया

इतिहास

सन् 639 : हिमालय की तलहट में ह्वेनसांग 

(गुरु पद्मसंभव की तिब्‍बत यात्रा से पूर्ण मध्‍य एशियाई बौद्ध समाज में कई मत-मतांतरों का जन्‍म हो चुका था. ह्वेनसांग मूलत: चीन के तांग राजवंश का बौद्ध धर्म

अभिनव पहल

पलायन की पीड़ा को प्रोडक्शन में बदलेंगे : जेपी

– प्रेम पंचोली केसर का नाम सुनते ही लगता है बात जम्मू-कश्मीर की हो रही है. अपने देश में केसर की खेती सिर्फ जम्मू-कश्मीर में होती है. लेकिन अब लोगों

इतिहास

सन् 1848 : सिक्किम की अज्ञात घाटी में

– जोसेफ डाल्‍टन हूकर कम्‍बचैन या नांगो के विपरीत दिशा को जाने वाली घाटी की ओर उसी नाम से पर्वत के दक्षिणी द्वार के ऊपर एक हिमोढ़ (Moraine) से कुछ मील

पर्यावरण

वन संपदा को बचाने के लिए नया फार्मुला

– प्रेम पंचोली उतराखंड हिमालय राज्य के लोग पूर्व से ही वनों को बचाने के लिए संवेदनशील रहे हैं. लोग प्राकृतिक संसाधनो को बचाने के तौर-तरीके अपने

आजकल

शहीदों को समर्पित फोटोग्राफी व पेंटिंग प्रदर्शनी

— वाई एस बिष्ट इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट गैलरी, नई दिल्ली में 16 से 18 फरवरी को फोटोग्राफी और पेंटिंग प्रदर्शनी ‘अनुभूति’ का आयोजन किया