November 27, 2020

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समसामयिक

उत्तराखंड की वादियों से गुमानी पंत ने उठाई थी,आज़ादी की पहली आवाज

संविधान दिवस (26 नवम्बर) पर विशेष डॉ.  मोहन चंद तिवारी मैं पिछले अनेक वर्षों से अपने लेखों द्वारा लोकमान्य गुमानी पन्त के साहित्यिक योगदान की राष्ट्रीय

लोक पर्व/त्योहार

‘देवोत्थान’ एकादशी देवों के जागने का पर्व

ऋतुविज्ञान का भी पर्व डॉ. मोहन चंद तिवारी “उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविंद त्यज निद्रां जगत्पते. त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत सुप्तं भवेदिदम्.” अर्थात् हे

संस्मरण

सहारनपुर जाने वाली बसों की हड़ताल सुनकर…

जवाबदेही की अविस्मरणीय यात्रा – भाग-5 सुनीता भट्ट पैन्यूली मेरे माथा ठनकने को पतिदेव ने तनिक भी विश्राम न करने दिया कार में बैठे और आईएसबीटी से कार

ट्रैवलॉग

मृगया की शौकीन गुजरी रानी “मृगनयनी”

मंजू दिल से… भाग-6 मंजू काला यदि आप ग्वालियर जाऐगा because तो ग्वालियर दुर्ग के भूतल भाग में  स्थित गुजरी महल को जरूर देखिएगा! तोमर वंश के यशस्वी राजा

किस्से/कहानियां

सरुली और चाय की केतली….

लघु कथा अमृता पांडे सरुली चाय की केतली से because निकलती भाप को एकटक देख रही थी. पत्थरों का ऊंचा नीचा आंगन, एक कोने पर मिट्टी का बना कच्चा जिसमें सूखी

कविताएं

अपना गाँव

अंकिता पंत गाँवों में फिर से हँसी ठिठोली है बुजुर्गों ने, फिर किस्सों की गठरी खोली है. रिश्तों में बरस रहा फिर से प्यार मन रहा संग, खुशी से हर त्यौहार.

समसामयिक

कोरोना काल में स्वास्थ्य की चुनौती के निजी और सार्वजनिक आयाम 

प्रो. गिरीश्वर मिश्र आजकल  का समय  स्वास्थ्य की दृष्टि से एक  घनी चुनौती बनता जा रहा है जब पूरे विश्व में में मानवता के ऊपर एक ऐसी अबूझ महामारी का असर पड़

लोक पर्व/त्योहार

यतो धर्मस्ततो  जय: 

विजया दशमी पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतीय लोक-जीवन में गहरे पैठे हुए हैं और उनकी कथा आश्चर्यजनक रूप से हजारों वर्षों से

लोक पर्व/त्योहार

दीपावली सामाजिक समरसता व राष्ट्र की खुशहाली का पर्व

डॉ.  मोहन चंद तिवारी दीपावली का because पर्व पूरे देश में लगातार पांच दिनों तक हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय लोकपर्व है.शारदीय नवरात्र में

किस्से/कहानियां

रनिया की तीसरी बेटी

कहानी मुनमुन ढाली ‘मून’ आंगन में चुकु-मुकु हो कर बैठी, because रनिया सिर पर घूंघट डाले, गोद मे अपनी प्यारी सी बेटी को दूध पिलाती है और बीच-बीच मे घूंघट हटा