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पटना रिमांड होम मामले में एफआईआर दर्ज, सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता नामजद

आखिरकार पटना के चर्चित रिमांड होम (Patna Remand Home) मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है. पुलिस ने गायघाट स्थित उत्तर रक्षा गृह मामले में FIR दर्ज किया है. रिमांड होम की सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता को इसमें नामजद किया गया है. मामले में आईपीसी की धारा 354 (A) और 450 के तहत केस दर्ज किया गया है. महिला थाना की एसएचओ किशोरी संचरी ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है. दरअसल मंगलवार को रिमांड होम की अधीक्षक वंदना गुप्त के खिलाफ एक और पीड़िता सामने आई थी. पीड़ित ने भी वंदना गुप्ता पर आरोप लगाया था और कहा था कि वंदना गुप्ता के 2018 में गायघाट रिमांड होम सुपरिटेंडेंट के तौर पर आने के बाद से वहां का माहौल खराब हो गया है.

अधीक्षक वंदना गुप्ता लड़कियों से गलत काम करवाती थी और जो लड़कियां विरोध करती उनको पीटा जाता था, इसके साथ ही लड़की ने ये भी आरोप लगाया था कि यहां मानसिक तौर पर कमजोर लड़कियों को नशीली दवाइयां और इंजेक्शन दी जाती थी. दूसरी पीड़िता ने कहा कि यहां बाहर से लड़कों को अंदर बुलाया जाता था.

वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप

पटना के गायघाट स्थित रिमांड होम पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है. रिमांड होम से बाहर निकली एक पीड़िता ने 29 जनवरी को केयर होम के अंदर की करतूतों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. दरअसल रिमांड होम से फरार हुई एक पीड़िता ने सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसके बाद रिमांड होम की व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है. पीड़िता ने आरोप लगाए हैं कि अधीक्षक वंदना गुप्ता नशे का इंजेक्शन देकर यहां रहने वाली पीडिताओं को अनैतिक कार्य करने के लिए मजबूर करती हैं.

अजनबियों को रिश्तेदार बनाकर एंट्री

केअर होम में रहने वाली पीड़िताओं को भोजन और बिस्तर की सुविधाएं भी नहीं मुहैया कराई जाती. इसके साथ ही पीड़िता ने आरोप लगाया कि अजनबियों को रिश्तेदार बनाकर यहां एंट्री दी जाती थी. जो आकर बेसहारा महिला को उठा कर ले जाते थे. पीड़िता के गंभीर आरोप के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है. तो वहीं समाज कल्याण विभाग ने एक पत्र जारी कर लड़की को झगड़ालू और उदंड बताया था.

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