उत्तराखंड हलचल

चुनाव आयोग के आदेश पर पूर्व CM हरीश रावत के खिलाफ FIR दर्ज

उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. इस बीच चुनाव आयोग (Election Commission) ने संज्ञान लेते हुए राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत (Harish Rawat) के खिलाफ पिथौरागढ़ पुलिस को एक केस दर्ज करने का आदेश दिया है. चूंकि रावत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्‍ट किया था, जिसमें कथित तौर पर मतपत्र से छेड़छाड़ दिखाई गई थी. वहीं, पिथौरागढ़ पुलिस का कहना है कि जांच के लिए डीडीहाट थाने में भी केस दर्ज कर लिया गया है.पुलिस के अनुसार उक्त मामले में डीडीहाट विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीपपाल की ओर से मंगलवार को चुनाव आयोग और पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी.

दरअसल, कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बीते मंगलवार को एक वीडिया शेयर किया था. जिसमें उन्‍होंने लिखा था, ‘ एक छोटा वीडियो सबकी जानकारी के लिए वायरल कर रहा हूं. इसमें एक आर्मी के सेंटर में किस प्रकार से एक ही व्यक्ति सारे वोटों को टिक कर रहा है और यहां तक कि सभी लोगों के हस्ताक्षर भी वही कर रहे है, उसका एक नमूना देखिए, क्या चुनाव आयोग इस मामले को संज्ञान में लेना चाहेगा?’ हालांकि यह वीडियो कहां का है और कब बनाया गया है, इसकी जानकारी हरीश रावत ने नहीं दी है.

बीजेपी पर साधा निशाना

इसके साथ प्रदेश के पूर्व सीएम नेता हरीश रावत ने बीजेपी पर कटाक्ष किया. उन्होंने संकल्प पत्र को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि बीजेपी ने हर साल प्रदेश में 2 करोड़ नौकरी देने, किसानों की आय दोगुनी करने और काले धन का खत्म करने का संकल्प लिया था. साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या ये संकल्प पूरे हुए. वहीं, रावत ने कहा कि जिन लोगों ने पहले के संकल्पों को पूरा नहीं किया, वे अब दूसरे संकल्प को क्या पूरा करेंगे.देश ने इन्हीं के आधार पर मोदी जी को सत्ता सौंपी थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जो प्रतिज्ञाएं की हैं, वे पूरी तरह से व्यवहारिक हैं.

चुनाव के दौरान कथित गड़बड़ी के बारे में EC में कराई शिकायत दर्ज- गोदियाल

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ANI से बात करते हुए बताया कि उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कथित गड़बड़ी के बारे में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने प्रतिरूपण का दावा किया है, जहां पर अधिकारी वोट लेने के लिए उसके घर आने वाले थे, लेकिन वे नहीं पहुंचे. इस दौरान 70 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए मतदान 14 फरवरी को हुआ था. जहां पर मतों की गिनती 10 मार्च को होगी.

 

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