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National Herald मामले में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे से ED की पूछताछ

नेशनल हेराल्ड मामले (National Herald Case) में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के अधिकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ कर रहे हैं. ईडी ने उन्हें नोटिस भेजकर सोमवार को पूछताछ के लिए उपस्थिति होने को कहा था. ईडी के नोटिस के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे आज सुबह 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे. इस केस में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी आरोपी हैं. नेशनल हेराल्ड केस में प्रर्वतन निदेशालय कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है.

दरअसल, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने कांग्रेस पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है. इसी मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की जा रही है, क्योंकि वह यंग इंडिया और एजीएल के पदाधिकारी रह चुके हैं. आज तक को सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी इस मामले में खड़गे से कुछ स्पष्टीकरण चाहते हैं.

क्या है पूरा मामला?
साल 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ कांग्रेसी नेता यंग इंडियन लिमिटेड (YIL) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी और विश्वासघात में शामिल थे. अपनी याचिका में स्वामी ने आरोप लगाया था कि YIL, जिसके निदेशक मंडल में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी हैं. इन सभी ने लाभ और संपत्ति हासिल करने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से निष्क्रिय प्रिंट मीडिया आउटलेट की संपत्ति पर अधिग्रहण किया था.

दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों से मांगा था जवाब
सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत के बाद इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों से जवाब मांगा था.

हाईकोर्ट ने गांधी परिवार को नोटिस जारी करते हुए एआईसीसी महासचिव ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया (वाईआई) ने 12 अप्रैल तक स्वामी की याचिका पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा था. बता दें कि नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी.

हरियाणा में संपत्तियों को किया कुर्क
इस मामले में पिछले साल ईडी ने कांग्रेस को झटका देते हुए हरियाणा में 64 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया था. 64 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किए जानें के बाद ईडी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया था कि हरियाणा के पंचकूला में प्लॉट कथित तौर पर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अवैध रूप से आवंटित किया गया था. जांच एजेंसी के अनुसार, प्लॉट एजेएल को 1982 में आवंटित किया गया था, लेकिन इसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के एस्टेट अधिकारी ने 30 अक्टूबर 1992 के आदेश के तहत वापस ले लिया था क्योंकि एजेएल ने शर्तों का पालन नहीं किया था.

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