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झारखंड में खुलेगा पूर्वी भारत का पहला जनजतीय विश्वविद्यालय

झारखंड में पूर्वी भारत का पहला जनजातीय विश्वविद्यालय (Tribal University) खुलेगा. विश्वविद्यालय पंडित रघुनाथ मुर्मू (Pandit Raghunath Murmu) के नाम पर होगा. झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Jharkhand Assembly Winter Session) के अंतिम दिन पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक 2021 सदन से पास हो गया. इसे जमशेदपुर के गालूडीह और घाटशिला के बीच निर्माण की योजना है. इसके लिए 20 एकड़ जमीन भी चिह्नित की जा चुकी है.  इसे जमशेदपुर के गालूडीह और घाटशिला के बीच निर्माण की योजना है. इसके लिए 20 एकड़ जमीन भी चिह्नित की जा चुकी है. इसके अलावा कोर्ट फीस (झारखण्ड संसोधन) विधेयक 2021 और झारखण्ड विद्युत शुल्क संसोधन विधेयक 2021 सदन से पास हो गया है. इसके साथ सरकार ने घोषणा की कि मनरेगाकर्मियों (MANREGA) के मानदेय में वृद्धि की जाएगी.

गत टीएससी की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने भी कहा था कि राज्य के पहले जनजातीय विश्वविद्यालय के निर्माण का उद्देश्य जनजातीय भाषा और आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को सहेजना है. साथ ही उन पर शोध करने तथा आदिवासी समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है.

झारखंड मनरेगाकर्मियों के मानदेय में वृद्धि

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधायक राजेश कश्यप ने मनरेगा के तहत कार्यरत रोजगार सेवक, लेखा सहायक, कम्प्यूटर सहायक, कनीय अभियंता, सहायक अभियंता एवम प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को नियमित वेतनमान देने और नियमित करने की मांग की. जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह केंद्र की योजना है. इसके बाद भी महंगाई को देखते हुए सरकार मनरेगाकर्मियों के मानदेय में वृद्धि करेगी. विधायक दीपिका पांडेय सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि नल जल योजना के तहत 10 लाख घरों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक राज्य के सभी 59 लाख 23 हजार घरों तक नल के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी. कहा कि अब तक अच्छी उपलब्धि हासिल की गई है. 75 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हेतु योजनाओं की स्वीकृति की गई है.

तीन विधेयकों के प्रवर समिति में भेजने की मांग

तीन विधायकों ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की मांग की. सभी ने कहा कि समिति 30 दिनों के अंदर अपना प्रतिवेदन दे. प्रवर समिति में भेजने की मांग करने वाले में माले विधायक विनोद कुमार सिंह, आजसू विधायक लंबोदर महतो, बीजेपी विधायक अनंत ओझा शामिल हैं. आजसू विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि यह बहुत अहम विधेयक है. इसलिए इसमें सम्रगता से विचार होना चाहिए. बीजेपी विधायक अनंत ओण ने कहा कि इसमें निश्चित ही संसोधन होना चाहिए. इस पर व्यापक स्तर पर सोचने की जरूरत है. रामचंद्र चंद्रवंशी ने इसे महत्वपूर्ण विधेयक बताते हुए कहा कि इस पर तुरंत अध्ययन करना संभव नही है. इसलिए इस पर विचार करने की जरूरत है. इनका साथ सत्ता पक्ष के विधायक बंधु तिर्की ने भी दिया. उन्होंने कहा कि यह सरकार की अच्छी पहल है. मगर इसमें कई त्रुटियां हैं. इसलिए आग्रह होगा इसमें और विचार करने की जरूरत है.

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