उत्तराखंड हलचल

शिक्षा को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना में जुटा शिक्षा निदेशालय

देहरादून : विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत प्रदेशभर के 95 ब्लाक रिसोर्स पर्सन (बीआरसी) कार्यालय को शिक्षा निदेशालय से वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक बीआरसी कार्यालय टैब से लैस होंगे। शिक्षा महानिदेशालय की इस कवायद के पीछे मकसद शिक्षा को आधुनिक तकनीकी से जोड़कर इसका लाभ छात्रों को पहुंचाना है।

छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन, परीक्षा, मूल्यांकन, परीक्षा, बैठक प्रशिक्षण कार्यक्रम, परिणाम घोषित करने के अलावा शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लाभ से जुड़ी सभी सूचनाओं का वर्चुअल माध्यम से त्वरित आदान-प्रदान किया जा सकता है। बीआरसी कार्यालय से उच्च शिक्षाधिकारियों को कोई भी सूचना डाक के माध्यम से भेजने के बजाय वर्चुअल माध्यम से भेजी जाएगी तो जिम्मेदार अधिकारी भी बहुत कम समय पर कार्रवाई को अंजाम देने को बाध्य हो जाएंगे। ब्लाक स्तर के शिक्षकों का प्रशिक्षण और बैठकों में भी समय बर्बाद नहीं होगा। शिक्षकों को अधिक से अधिक समय पठन-पाठन के लिए मिलेगा।

मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती ने कहा कि देहरादून जिले में छह बीआरसी कार्यालय हैं। यह वर्चुअल माध्यम से शिक्षा निदेशालय से जुड़ते हैं तो इससे न केवल शिक्षा विकास को बल मिलेगा, बल्कि इससे पूरी शिक्षा व्यवस्था में त्वरित कार्य पूरा करने की एक संस्कृति तैयार हो जाएगी जिसके सुखद परिणाम निकलेंगे। प्रत्येक बीआरसी कार्यालय को टेबलेट उपलब्ध करवाने की योजना है।

शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी का कहना है कि समस्त बीआरसी कार्यालय को वर्चुअल माध्यम से शिक्षा निदेशालय से जोडऩे की योजना बनाई जा रही है। इस योजना को वार्षिक योजना में शामिल किया जा रहा है। बीआरसी छोटे-छोटे कार्यों के लिए शिक्षा निदेशालय या शिक्षा महानिदेशक कार्यालय पहुंचते हैं तो इससे समय बर्बाद होता है। वर्चुअल माध्यम से जुडऩे पर सूचनाओं का आदान-प्रदान भी त्वरित माध्यम से होगा।

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