देश—विदेश

माइनिंग के नाम पर 100 करोड़ की ठगी में दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ़्तार

दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EoW) ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो माइनिंग के नाम पर लोगों से ठगी करता है. यह शख्स बैंक को भी लोन के नाम पर 25 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है. EoW को चार मामले में इस शख्स की तलाश थी. सीबीआई ने भी इसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया हुआ है.

पुलिस ने क्रॉस रिवर मॉल शाहदरा से आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी बड़ी संख्या में लोगों को खदान के लिए प्लॉट दिलाने के नाम पर ठग चुका है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है. EoW पिछले 1 साल से आरोपी को ट्रैक कर रही थी. आरोपी कहीं भी 24 घण्टे से ज्यादा नहीं रुकता था और जगह बदल लेता था.

EoW ने आरोपी के पास से कई सिम कार्ड बरामद किए हैं. बताया जा रहा है कि वह किसी से भी बात करने के लिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम काॅलिंग करता था. जिस नंबर से वह WhatsApp कॉल करता था वह ज़िम्बाब्वे का है.

बैंक को लगाया 5.50 करोड़ का चूना
इससे पहले EoW ने बैंक ऑफ इंडिया को 5.50 करोड़ का चूना लगाने के आरोप में शख्स को गिरफ्तार किया था. आरोपी सुरेश कुमार ने पश्चिम विहार स्थित एक प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज बनवा कर उसे बैंक के पास गिरवी रख कर 4.50 करोड़ का क्रेडिट लिमिट और एक करोड़ का लोन लिया था. उसे वह पहले एक महिला को बेच चुका था.

फर्जी दस्तावेज बनाकर लिया लोन 
जॉइंट कमिश्नर छाया शर्मा के मुताबिक, सुरेश कुमार नंद नगरी का रहने वाला है. 16 मार्च 2012 में मियावाली नगर थाने में बैंक ऑफ इंडिया की झंडेवालान शाखा द्वारा आरोपी के खिलाफ 5.50 करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था. बाद में केस EoW को ट्रांसफर कर दिया गया. 2008 में सुमन लता नाम की महिला ने पहली मंजिल और दूसरी मंजिल को 248.20 वर्ग मीटर की फ्री होल्ड संपत्ति की छत के अधिकार के साथ खरीदा. वह प्रापर्टी भेरा एन्क्लेव, पश्चिम विहार में थी. 17 दिसंबर 2011 को उन्हें पता चला कि जय प्रकाश गुप्ता ने छत के अधिकारों के साथ पहली और दूसरी मंजिल के फर्जी दस्तावेज बनवा कर उसे गिरवी रखकर बैंक ऑफ इंडिया से 5.50 करोड़ लोन ले लिया.

Share this:

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *