उत्तराखंड हलचल

केन्द्र ने दी नैनीताल हाई कोर्ट को हल्द्वानी या पंतनगर में शिफ्ट करने को सैद्धांतिक सहमति

उत्तराखंड का नैनीताल हाईकोर्ट को गोलापार या पंतनगर हल्द्वानी में शिफ्ट किया जा सकता है. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है. वहीं केंद्रीय विधि राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने उत्तराखंड सरकार से इसके लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. वहीं राज्य सरकार का कहना है कि नैनीताल में हाईकोर्ट होने के कारण वहां पर पर्यटन पर इसका असर पड़ रहा है.

दरअसल हाई कोर्ट को नैनीताल से स्थानांतरित करने की मांग को लेकर वकीलों ने पिछले साल भी विरोध प्रदर्शन किया है. वहीं हाई कोर्ट के लिए जरूरी जगह नैनीताल में उपलब्ध नहीं है और इसका विस्तार नहीं किया जा सकता है. वहीं वकीलों का कहना है कि जमीन कम होने के कारण वादकारियों की बात तो दूर वकीलों के लिए चैंबर बनाने के लिए भी जमीन नहीं है. लिहाजा इसे यहां से स्थानांतरित करना चाहिए.

पर्यटन में पड़ रहा है असर

राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार हाईकोर्ट की शिफ्टिंग के लिए राजी हो गई है, लेकिन इसके लिए एक शर्त जोड़ी गई है कि अगर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन के आसपास जमीन उपलब्ध है तो फिर इस पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री बघेल ने इस पर सहमति जताई है और अब इस पर अंतिम फैसला सीएम पुष्कर धामी को लेना है. उन्होंने कहा कि नैनीताल में हाईकोर्ट के विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं है और इसके कारण वहां के पर्यटन पर इसका असर हो रहा है. इसके साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं.

वकील कर रहे हैं मांग

असल में नैनीताल पर्यटन नगरी है और यहां साल में लाखों लोग अन्य शहरों से आते हैं। साल के आखिरी दिनों में नैनीताल में भीड़ बढ़ जाती है. लेकिन यहां पर जगह ना होने के कारण पार्किंग की समस्या आती है. जिसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. नैनीताल हाईकोर्ट के पास भी जमीन नहीं और ना ही इसका विस्तार किया जा सकता है. जबकि पिछले दो दशक में राज्य में वकीलों की संख्या में इजाफा हुआ और उनके बैठने के लिए जगह नहीं है.

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