April 17, 2021
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स्मृति शेष

स्मृति शेष

साहित्य के निकष ‘अज्ञेय’

अज्ञेय के जन्म दिवस पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र रवि बाबू ने 1905 में एकला चलो की गुहार लगाई थी कि मन में विश्वास हो तो कोई साथ आए न आए चल पड़ो चाहे , खुद को ही समिधा क्यों न बनाना पड़े – जोदि तोर दक केउ शुने ना एसे तबे एकला चलो रे । […]
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धर्म को आडम्बरों से मुक्त करने वाले परमहंस

श्रीरामचन्द्र दास की जन्मजयंती पर विशेष  डॉ. मोहन चंद तिवारी “धार्मिक मूल्यों के इस विप्लवकारी युग में जिस तरह से परमहंस श्री रामचन्द्रदास जी महाराज ने अपने त्याग और तपस्या के आदर्श मूल्यों से समाज का सही दिशा में मार्गदर्शन किया because तथा धार्मिक सहिष्णुता एवं कौमी एकता का प्रोत्साहन करते हुए श्री रामानन्द सम्प्रदाय […]
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दर्द में डूबी नज्म

डॉ. कुसुम जोशी नन्ही-सी हेमसुन्दरी  के समझ में नही आ रहा था कि घर में ये गहमागहमी, इतना झमेला, भारी कामदार रंगबिरंगी साड़ियों की सरसराहट, श्रृगांर.  घर में भीड़ भीड़, because उलूक ध्वनि, अभी तो उसे पढ़ना था. जब भी बाबा, दादा, काका मिलते बड़ी-बड़ी बातें होती, बाल विवाह का विरोध. स्त्री शिक्षा की अनिवार्यता […]
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असहमति के साथ चलने वाला साथी

प्रखर समाजवादी एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शिल्पी बिपिन त्रिपाठी की जयन्ती (23 फरवरी) पर विशेष चारु तिवारी अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट विकासखंड में एक छोटी सी जगह है बग्वालीपोखर. वहीं इंटर कालेज में हम लोग पढ़ते थे. कक्षा नौ में. यह 1979 की बात है. पिताजी यहीं प्रधानाचार्य थे. उन्होंने बताया कि पोखर में […]
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कौन कहता है मोहन उप्रेती मर गया है!

लोक के चितेरे मोहन उप्रेती की जयंती (17 फरवरी, 1928) पर विशेष चारु तिवारी उस शाम मैं गुजर रहा था उद्दा की दुकान के सामने से, अचानक दुकान की सबेली में खड़े मोहन ने आवाज दी- ‘कहां जा रहा है ब्रजेन्द्र? यहां तो आ.’ क्या है यार? because घूमने भी नहीं देगा.’ और मैं खीज […]
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उत्तराखंड आंदोलन के जननायक इन्द्रमणि बडोनी   

जन्मजयंती पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी आज 24 दिसम्बर उत्तराखंड राज्य आंदोलन because के जननायक श्री इन्द्रमणि बडोनी जी की जन्मजयंती है.उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास में बडोनी जी ‘पहाड के गांधी’ के नाम से भी प्रसिद्ध हैं. उत्तराखंड मगर दुःख के साथ कहना पड़ता है कि इस जननायक की जन्मजयंती पर जिस कृतज्ञतापूर्ण […]
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बुझ गई पहाड़ पर लालटेन…

अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि : प्रसिद्ध कवि और लेखक मंगलेश डबराल का निधन   चारु तिवारी बहुत विचलित करने वाली खबर आ रही है. हमारे अग्रज, प्रिय कवि, जनसरोकारों के लिये प्रतिबद्ध मंगलेश डबराल जी जिंदगी की जंग हार गये हैं. पिछले दिनों वे बीमार हुये तो लगातार हालत बिगड़ती गई. बीच में थोड़ा उम्मीद बढ़ी थी लेकिन […]
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सामाजिक समता के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर

अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर विशेष       डॉ. मोहन चंद तिवारी भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर भारत में एक ऐसे वर्ग विहीन समाज की संरचना चाहते थे जिसमें जातिवाद, वर्गवाद, सम्प्रदायवाद तथा because ऊँच-नीच का भेद नहीं हो और प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी योग्यता के अनुसार सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते हुए […]
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शैलेश मटियानी जन्मतिथि पर भावपूर्ण स्मरण

जन्मतिथि (14  अक्टूबर) पर विशेष डॉ. अमिता प्रकाश “दुख ही जीवन की कथा रही क्या कहूँ आज जो नहीं कही.” निराला जी की ये पंक्तियाँ जितनी हिंदी काव्य के महाप्राण निराला के जीवन को उद्घाटित करती हैं उतनी ही हमारे कथा साहित्य में अप्रतिम स्थान रखने वाले so रमेश चंद्र सिंह मटियानी का, जिन्हें विश्व […]
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नहीं रहे हिमालय पर्यावरणविद् भूवैज्ञानिक प्रो. वल्दिया

डॉ. मोहन चंद तिवारी अत्यंत दुःखद समाचार है कि हिमालय पर्यावरणविद् अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भूवैज्ञानिक पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित प्रोफेसर खड्ग सिंह वल्दिया का 83 साल की उम्र में कल 29 सितंबर को निधन हो गया.वे इन दिनों बेंगलुरु में थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे.प्रो.वल्दिया उत्तराखंड के पिथौरागढ़ सीमांत […]