September 18, 2020
Home Archive by category समसामयिक (Page 2)

समसामयिक

समसामयिक

बरसात के मौसम में करें फल पौधों का रोपण

डॉ. राजेंद्र कुकसाल बरसात के मौसम में मुख्यत: आम, अमरूद, अनार, आंवला, लीची, कटहल,अंगूर तथा नीम्बू वर्गीय फल पौधों का रोपण किया जाता है. उद्यान लगाने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखा जाना आवश्यक हैं. स्थल का चुनाव- वर्षाकालीन फलदार पौधों के बगीचे समुद्रतल से 1500 मी॰ ऊंचाई तक लगाये जा सकते हैं
समसामयिक

जय हो ग्रुप की अनूठी पहल

बेसहारा और बेजुबान जानवरों का सहारा बना जय हो ग्रुप, 111 दिनों तक खिलाई रोटियां हिमांतर ब्‍यूरो, उत्‍तरकाशी नगर पालिका परिषद, बड़कोट क्षेत्र में लॉक डाउन प्रथम से लेकर 111 दिनों तक सामाजिक चेतना की बुलन्द आवाज ‘‘जय हो” ग्रुप के कर्तव्यनिष्ठ स्वयंसेवियों ने बेजुबान जानवरों को रोटी दान मांगकर खिलाने का काम किया. ग्रुप […]
समसामयिक

अपराध, खादी और खाकी

मुद्दा मीडिया का डॉ. रुद्रेश नारायण मिश्र समाज के विरोध में या असामाजिक तत्त्वों में संलिप्त रहना अपराध है, पर जब यही अपराध, खादी और खाकी से अगर मिल जाए तो कई सवाल सामाजिकता को लेकर उठने शुरू हो जाते हैं. जिसका समयानुसार चिंतन भी होता है परंतु कितना कारगर, इस पर प्रश्न चिन्ह लग […]
समसामयिक

अपराधी तो मारा गया… बस सवाल बाकी रह गए

ललित फुलारा एनकाउंटर में आरोपित अपराधी, तो मारा गया पर अपराधी का पोषण करने वाले, सालों से उसे शरण देने वाले, उन रसूखदार कथित अपराधियों का क्या, जो हर बार पर्दे के पीछे ही रह जाते हैं. पर्दे के पीछे वाला यह खेल कभी सामने नहीं आ पाता. यह भी सच है कि अगर गिरफ्तार/सरेंडर […]
समसामयिक

कोरोना काल में चर्चा में आईं मनरेगा 

डॉ. राजेंद्र कुकसाल आजकल सोशल मीडिया पर मनरेगा चर्चाओं में हैं,  हासिये पर चल रही यह योजना अचानक सुर्खियों में आगयी क्योंकि हुक्मरानों को इस योजना के माध्यम से वेरोजगार प्रवासियों के लिए रोजगार की संभावनाएं दिखाई देने लगी. समय-समय पर मैं मनरेगा योजना से जुड़ा रहा. राज्य में चल रही मनरेगा योजना पर अपना व्यक्तिगत […]
समसामयिक

शिक्षक ‘ज्ञानदीप’ है जो जीवनभर ‘दिशा’ देता है

गुरु पूर्णिमा पर विशेष डॉ. अरुण कुकसाल बचपन की यादों की गठरी में यह याद है कि किसी विशेष दिन घर पर दादाजी ने चौकी पर फैली महीन लाल मिट्टी में मेरी दायें करांगुली (तर्जनी) घुमाकर विद्या अध्ययन का श्रीगणेश किया था. स्कूल जाने से पहले घर पर होने वाली इस पढ़ाई को घुलेटा (आज […]
समसामयिक

बहुत कठिन है माँ हो जाना

डॉ. दीपशिखा जैसे-जैसे कोविड-19 भारत में भी अपने पैर फैलाता जा रहा, वैसे-वैसे मेरी एक माँ के तौर पर चिंता बढ़ती जा रही है. ये चिंताएं मुझ तक महदूद नहीं हैं, मेरे जैसी हर माँ सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चे/बच्चों के लिए चिंतित है. ऊपर से जब से प्रेगनेंट हाथी की मौत वाली […]
समसामयिक

पेंटिंग की वैश्विक प्रदर्शनी में उत्तराखंड के तीन कलाकारों ने किया प्रतिनिधित्व

हिमाँतर डेस्‍क उत्तराखंड के राजेश चंद्र की चित्रकला इनदिनों सुर्खियां बंटोर रही है. हाल ही में विश्व स्तर पर हुई एक प्रदर्शनी में उनकी पेंटिंग को खूब सराहा गया है. इस पेंटिंग में राजेश ने समुद्र बचाओ का संदेश दिया था. राजेश 24 साल के हैं और उनकी पेंटिंग्स को नमामि गंगे व जल शक्ति […]
समसामयिक

सामाजिक दायित्वशीलता निभाने में अग्रणी व्यक्तित्व

डॉ. अरुण कुकसाल ‘‘होम्योपैथिक चिकित्सा रोगी की रोग से लड़ने की शरीर में मौजूद क्षमता को बढ़ाकर रोगी को रोग से मुक्त कराने में साहयता प्रदान करती है. विशेषकर एलर्जिक रोगों के संपूर्ण एवं सुरक्षित उपचार के लिए होम्योपैथी को ऐलोपैथी याने आधुनिक चिकित्सा पद्धति से बेहतर माना जाता है. वर्तमान मानवीय जीवन शैली का […]
समसामयिक

पहाड़ की लोकसंस्कृति को पहचान दी लोक गायक हीरासिंह राणा ने

डॉ. मोहन चन्द तिवारी बहुत ही दुःख की बात है कि कोरोना काल के इस कठिन दौर में “लस्का कमर बांध, हिम्मत का साथ फिर भोल उज्याई होलि, कां ले रोलि रात”- जैसे अपने ऊर्जा भरे बोलों से जन जन को कमर कस के हिम्मत जुटाने का साहस बटोरने और रात के अंधेरे को भगाकर […]